Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 48
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 48 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 48
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हिन्दी अर्थ
चिति-
शक्ति ही जिसका स्वरूप है, जिसने भारभूत शरीर को धारण किया है ओर जो जीव के लिए जन्म ओर
मरण की अवस्था चाहती है, उस अविद्या ने ही इस समस्त प्रपच का विस्तार किया हे