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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 71, Verse 19

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 71, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 71 · श्लोक 19

संस्कृत श्लोक

छायातपप्रसरयोः प्रकाशतमसोर्यथा । न संभवति संबन्धस्तथा वै देहदेहिनोः ॥ १९ ॥

हिन्दी अर्थ

हे श्रीरामचन्द्रजी, आप सुषुप्ति अवस्था में रहनेवाली निर्विकार बुद्धि से युक्त यानी तत्त्वज्ञ होकर कुछ करते हैं तो भी अकर्ता ही हैं और यदि उस बुद्धि से शून्य यानी अतत्त्वज्ञ होकर आप कुछ नहीं करते हैं, तो भी कर्ता ही हैं, ऐसी परिस्थिति में आपकी जैसी इच्छा हो, वैसा कीजिये