Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 72, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
मृत्पुंसां यादृशोऽन्योन्यमाशयः संगमे भवेत् ।
बुद्धीन्द्रियात्ममनसां संगमे तादृशोऽस्तु ते ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे समुद्र जलस्वरूप ही है, उससे भिन्न तरंग आदि
कुछ भी नहीं हैं, वैसे ही यह सब जगत् आत्मस्वरूप ही है, उससे भिन्न पृथ्वी, जल आदि कुछ भी नहीं
हैं