Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, Verse 67
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 72, verse 67 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 67
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हिन्दी अर्थ
कल्पना की विलक्षणता में वासना की विलक्षणता हेतु है, इस आशय से कहते है ।
जैसे बन्दर वन के एक वृक्ष को छोड़ कर दूसरे वृक्ष पर चला जाता है, वैसे ही वासना में आरूढ जीव
एक शरीर को छोडकर दूसरे शरीर पर चला जाता है