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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, Verse 26

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 73, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 26

संस्कृत श्लोक

यदि सूर्ये स्थिते व्योम्नि तादृशोचितसंस्थितिः । नश्यति व्यवहारोऽयं भास्करे तत्किमागतम् ॥ २६ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे तीर और काष्ठों से समुद्र म्लान (दीन) नहीं होता तथा जैसे रजःकणों से आकाश म्लान नहीं होता, वैसे ही जिसने अपनी आत्मा को भली प्रकार पहचान लिया है, ऐसा आत्मवान्‌ (आत्मज्ञानी) पुरुष इस संसार में निजी लौकिक व्यवहारों से म्लान नहीं होता