Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 73, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अहंकारदृशावेते सात्त्विके द्वेऽतिनिर्मले ।
तत्त्वज्ञानात्प्रवर्तेते मोक्षदे पारमार्थिके ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे लकड़ियों के बोझे में लकड़ियों के सिवा
ओर कुछ नहीं दिखाई पडता, वैसे ही पृथ्वी, जल, तेज आदि पाँच भूतो के शरीर में पाँच भूतो के पिण्ड
के सिवा ओर कुछ भी नहीं दिखाई पडता