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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 12

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 75, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 12

संस्कृत श्लोक

पीयमानः सुरैः सर्वैः सोमः समरसाशयः । क्वचिदेति न संसङ्गमाक्रान्तावम्बरं यथा ॥ १२ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे वायु वृक्ष में पललवों की पंक्ति को चलाता है, वैसे ही प्राणादि वायु देह में अंगों की पंक्तियों को पर्याप्तरूप से चलाता है