Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 75, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
कुर्वन्दानवकार्याणि पातालतलपालकः ।
अनपायं निराक्रोशं प्रह्लादो ह्लादमागतः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
अब उसके उच्छेदन का उपाय कहते हैँ ।
भुझे मोक्ष मिले इस प्रकार की तुच्छ मोक्षेच्छा, सांसारिक बन्ध बुद्धि तथा अन्यान्य इच्छाओं का
परित्याग कर अपने वैराग्य ओर आत्मा-अनात्मा के विवेक से केवल मन को ही विनष्ट कर देना चाहिए