Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 79, Verse 40
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 79, verse 40 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 79 · श्लोक 40
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हिन्दी अर्थ
सहसा हठयोग मेँ प्रवृत्ति का निरास करने के लिए कहते हैँ ।
ये जो पूर्वोक्त योगात्मक युक्तियाँ कही गई हैं, वे अभ्यास के द्वारा ही भव्यमति के लिए संसार के
उच्छेदन करने में निराबाध उपाय हो सकती हैं, जवर्दस्ती निरोध करने पर तो रोग आदि की संभावना
हो जायेगी