Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 81, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 81, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 81 · श्लोक 28
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हिन्दी अर्थ
चित्त के द्वारा ठगे गये पुरुषो के विषय में शोक करते है ।
बड़े आश्चर्य की बात है कि महान् जड़ एवं एकक्षणमात्र मेँ विनष्ट हो जानेवाले शठ मन के द्वारा यह
समस्त जनसमूह विवशता को प्राप्त हो गया है