Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 81, Verse 40

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 81, verse 40 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 81 · श्लोक 40

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

अव अवशिष्ट निरतिशयआनन्दैकरसस्वरूप आत्मा को श्रद्धातिशय से नमस्कार करते है। एक, कृतकृत्य, अविनाशी, विमलस्वरूप तथा निर्विकल्प चैतन्यनामधारी मद्रूप ही आत्मा को बार-बार नमस्कार हैं