Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 83, Verse 39
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 83, verse 39 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 83 · श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
समस्तवासनोन्मुक्तः संप्रत्यसि महेश्वरः ।
यस्याविवेकादुत्पत्तिः स विवेकाद्विनश्यति ॥ ३९ ॥
हिन्दी अर्थ
जिसकी शक्ति से जो किया जाता है, वह उसी के द्वारा किया हुआ होगा ।
पुरुष की शक्ति से हँसुआ काटता है, पर काटनेवाला पुरुष कहलाता हे