Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 86, Verse 27
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 86, verse 27 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 86 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
विदेहकेवलीभावे सीमन्ते जन्मकर्मणाम् ।
संसारसङ्गसंत्यागरसासवनवेच्छया ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
उसमें स्नानकर तदनन्तर जपकर ओर उसके वाद सूर्य की पूजाकर मनन आदि व्यवहारो से युक्त
शरीर से पुनः पूर्ववत् सुशोभित हो गये