Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 9, Verse 59
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 9, verse 59 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 9 · श्लोक 59
संस्कृत श्लोक
हा हतोऽस्मि विनष्टोऽस्मि मृतोऽस्मीति पुनःपुनः ।
शोचितं गतमेवाहमिदानीं नानुरोदिमि ॥ ५९ ॥
हिन्दी अर्थ
ओह ! मैं मारा गया, नष्ट हुआ, मरा, ऐसा जो मैंने बारम्बार शोक किया था, वह शोक मेरा बीत
गया । अब में शोक नहीं कर सकता