Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 51
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 90, verse 51 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 51
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हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, इन्हीं दो कारणों से हिंसक मृग, बाघ, सिंह,
कीट ओर सर्पोने भूगर्भ में प्रकाशित हो रही महामुनि वीतहव्य की देह को क्षत-विक्षत नहीं किया