Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 91, Verse 30

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 91, verse 30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 91 · श्लोक 30

संस्कृत श्लोक

भावितस्तीव्रसंवेगादात्मना यत्तदेव सः । भवत्याशु महाबाहो विगतेतरसंस्मृतिः ॥ ३० ॥

हिन्दी अर्थ

जिस प्रकार वायु का विशाल आकाश प्रतिष्ठा स्थान है, वैसे ही वह विशाल पद उन लोगों का प्रतिष्ठा स्थान है, जो लोग संसार के कारण चित्त ओर तज्जनित निरन्तर भ्रमण से परे हो गये हैं