Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, Verse 74
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 92, verse 74 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 92 · श्लोक 74
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हिन्दी अर्थ
उस यथार्थ ज्ञान से जिसका मार्जन करना है, उसे बतलाते हैं।
पहले देखा गया या नहीं देखा गया पदार्थ इस संवित् को जो भासता है, उसका इस यथार्थ
ज्ञान से विद्वान को परिमार्जन कर देना चाहिए