Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 93, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
किमिदं स्याज्जगत्किं स्याद्देहमित्यनिशं शनैः ।
विचारयाध्यात्मदृशा स्वयं वा सज्जनैः सह ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, जब तक उन तीन उपायों का साथ में भली प्रकार बार
बार प्रयास न किया जाय, तब तक सैकड़ों बरसों तक भी परमपद की प्राप्ति नहीं हो सकती