Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 93, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
ज्ञानेन सर्वदुःखानां विनाश उपजायते ।
कृतालोकविलासेन तमसामिव भानुना ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामजी, जिस
प्रकार मन्त्रशास्त्रोक्त मूर्च्छा, मरण आदि प्रतिबन्धकों से प्रतिबद्ध मन्त्र फलप्रद नहीं होते, वैसे ही
उन तीनों में से एक का चिरकाल तक अभ्यास यद्यपि किया जाय, तो भी वे फलप्रद नहीं हो
सकते