Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 93, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
क्वेभमुक्ताफलोल्लासलसत्सन्नखपञ्जराः ।
सिंहाः समरसंरब्धा हरिणैः प्रविमर्दिताः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
अन्य उपाय भी कहते है ।
हे श्रीरामचन्द्रजी, आप यदि वासना के परित्याग में प्रयत्न करते हैं, तो आपकी सम्पूर्ण आधि-
व्याधिर्यो क्षण भर में विनष्ट हो जायेगी