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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 90

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 93, verse 90 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 90

संस्कृत श्लोक

हर्षामर्षविषादाभ्यां यदि गच्छसि नान्यताम् । वीतरागभयक्रोधस्तदसङ्गोऽसि राघव ॥ ९० ॥

हिन्दी अर्थ

हे राघव, यदि हर्ष, अमर्षं एवं विषाद से आप अन्यरूपता प्राप्त नहीं करेगे, तो राग, भय, और क्रोध से वर्जित होकर असंगरूप हो जायेंगे, यह निश्चित है