Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 91
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 93, verse 91 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 91
संस्कृत श्लोक
दुःखैर्न ग्लानिमायासि यदि हृष्यसि नो सुखैः ।
आशावैवश्यमुत्सृज्य तदसङ्गोऽसि राघव ॥ ९१ ॥
हिन्दी अर्थ
हे राघव, यदि दुःखों से ग्लानि नहीं करते, सुखो से फूल नहीं जाते, तो आशाओं की
परवशता का परित्याग कर असंग ही हो जायेंगे