Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 14, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 14, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 14 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
तस्मिन्निवसति श्रीमान्भुशुण्डो नाम वायसः ।
वीतरागो बृहत्कोशे ब्रह्मेव निजपङ्कजे ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
उस घोसले में ऐश्वर्यशाली
वीतराग भुशुण्डनामक कौआ उस प्रकार निवास करता है, जिस प्रकार विशाल कोशवाले अपने कमल
में ब्रह्माजी