Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 16, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 16, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 16 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
त्वत्पाददर्शनादेव सर्वं ज्ञातं मया मुने ।
त्वदागमनपुण्येन वयमायोजितास्त्वया ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे मुनिवर, आपके चरणों के दर्शन से ही मैंने सब कुछ जान लिया, आपने अपने आगमन के पुण्यों
से हम लोगों को दबा दिया है