Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 18, Verse 22
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 18, verse 22 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 18 · श्लोक 22
संस्कृत श्लोक
तासां मध्ये महार्हाणां मातॄणां मुनिनायक ।
अलम्बुसेति विख्याता माता मानद विद्यते ॥ २२ ॥
हिन्दी अर्थ
हे मानद मुनिनायक, महामहिमशाली उस मातृगण के बीच में
"अलम्बुसा" नामक सातवीं माता अत्यन्त विख्यात है