Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 18, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 18, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 18 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
वज्रास्थितुण्डश्चण्डाख्य इन्द्रनीलाचलोपमः ।
तस्यास्तु वाहनं काको वैष्णव्या गरुडो यथा ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
वैष्णवी-शक्ति के वाहन गरुड की नाई
उस “अलम्बुसा-शक्ति” का वाहन कौआ है, यह इन्द्रनील पर्वत के सदुश नीला है, इसका मुख वज़तुल्य
हड्डी से बना है तथा नाम है - चण्ड