Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 19, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 19, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 19 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
अजनाभिसरोजान्तवैरिञ्चकमलाकरे ।
गर्भालसा विचेरुस्ता राजहंस्यो मुनीश्वर ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे मुनीश्वर, गर्भधारण से अलसाई हुई वे
राजहँसियाँ भगवान विष्णु के नाभिकमल के मूल में ब्रह्मा के कमल की उत्पत्ति-स्थान में विचरण
करने लगीं