Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 19, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 19, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 19 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
मातृभिः सह हंसीभिर्ब्राह्मी भगवती ततः ।
चिरमाराधिता सम्यक्समाधिविरता सती ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
तुमने तत्त्व कैसे जाना ? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए उपक्रम करते हैँ ।
महर्षे, हम लोगों ने अपनी माता हँसियों के साथ दीर्घकाल तक समाधि से विरत हुई भगवती
ब्राह्मीदेवी की भलीप्रकार आराधना की