Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 21, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 21, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 21 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
न शक्यते तोलयितुमवश्यं भवितव्यता ।
यद्यथा तत्तथैतद्धि स्वभावस्यैव निश्चयः ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
महाराज, जो अवश्य भवितव्यता है, उसका बुद्धि से 'इदम्-इत्थमेव” इस
प्रकार अवधारण नहीं कर सकते | जिस तरह के प्रारब्ध से जो जैसा प्राप्त होता है, वह वैसा ही रहता
है। यह नियतिरूप स्वभाव का निश्चय है