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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 22, Verse 29

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 22, verse 29 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 22 · श्लोक 29

संस्कृत श्लोक

भूयस्तान्येव तान्येव तथान्यानि युगे युगे । साधो पदार्थजालानि प्रपश्यामि स्मरामि वै ॥ २९ ॥

हिन्दी अर्थ

हे साधो, युग-युग में पुनः-पुनः उन्हीं -उन्हीं पदार्थो को तथा दूसरे-दूसरे पदार्थो को मैं जानता हूँ-इसका भी मुझे स्मरण है