Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 22, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 22, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 22 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
मुने ते ब्रह्मपुत्रस्य जन्माष्टकमिदं किल ।
संस्मराम्यष्टमे सर्गे तस्मिंस्त्वं मम संगतः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
हे मुने, ब्रह्माजी के पुत्र
आपका यह आठवाँ जन्म ह । उस आठवें जन्म में आपकी ओर मेरी संगति हुई - इसका मैं पहले से
स्मरण करता हू