Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 69, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 69, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 69 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
यदि हि प्राणविलयो मुने मोक्षस्य कारणम् ।
मृता एव विमुच्यन्ते तन्मन्ये सर्वजन्तवः ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
इन तीनों में मध्यम के ऊपर श्रीरामचन्द्रजी आक्षेप करते है।
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : हे मुने, यदि मोक्ष का कारण प्राण का नाश ही है तब तो मैं समझता हूँ कि
मरे हुए सभी प्राणी मुक्त हो जाते हैं