Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 69, Verse 27
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 69, verse 27 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 69 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
एकतत्त्वघनाभ्यासः प्राणानां विलयस्तथा ।
मनोविनिग्रहश्चेति मोक्षशब्दार्थसंग्रहः ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
अब उत्तम, मध्यम ओर अधम अधिकारियों के भेद से तीन मोक्ष के साधन हैं, यह शास्त्रार्थो के
तात्पर्यग्रह द्वारा दिखलाते हैं।
एक तत्त्व का (परब्रह्म का) दृढ अभ्यास, प्राणों का विलय तथा मन का विनिग्रह - यही मोक्षशब्द
के अर्थ का संग्रह है यानी ये ही तीन मोक्ष के साधन हैं, यह सब शास्त्रों का निचोड़ हे