Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 7, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 7, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 7 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
नभोमार्गमहानीलकुट्टिमैकान्तशालिनी ।
भुवनौदररम्यान्तः स्फुरत्यादित्यदीपिका ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
आकाशमार्गरूपी नीलमणि से निर्मित महान कृत्रिम भूभागरूपी निरन्तर शोभायमान भुवनोदर में
दिव्यातिदीव्य सूर्यदीपिका जो जलती है, वह भी अज्ञान का विलास है