Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 93, Verses 24–30
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 93, verses 24–30 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 93 · श्लोक 24-30
संस्कृत श्लोक
त्यक्तेनापि शरीरेण किल तामरसेक्षण ।
सर्वत्यागो न ते याति निष्पत्तिं विषमो हि सः ॥ २४ ॥
भृगौ केवलमेतत्त्वं निरागस्कं शरीरकम् ।
मुधा क्षिपसि नो देहत्यागे तत्त्यागिता भवेत् ॥ २५ ॥
येनायं क्षोभ्यते देहो मत्तेभेनेव पादपः ।
तत्संत्यजसि चेत्पापं तन्महात्यागवान्भवान् ॥ २६ ॥
तस्मिंस्त्यक्ते भवेत्त्यक्तं सर्वं देहादि भूपते ।
नो चेन्निमग्नमप्येतद्भूयोभूयः प्ररोहति ॥ २७ ॥
शिखिध्वज उवाच ।
केनायं चाल्यते देहः किं बीजं जन्मकर्मणाम् ।
कस्मिंस्त्यक्ते परित्यक्तं सर्वं भवति सुन्दर ॥ २८ ॥
कुम्भ उवाच ।
साधो न देहत्यागेन न राज्यत्यजनेन च ।
न चोटजादिशोषेण सर्वत्यागो भवेन्नृप ॥ २९ ॥
यत्सर्वं सर्वतो यच्च तस्मिन्सर्वैककारणे ।
सर्वस्मिन्संपरित्यक्ते सर्वत्यागः कृतो भवेत् ॥ ३० ॥
हिन्दी अर्थ
हे कमलनेत्र, शरीर का त्याग करने से भी तुम्हारा सर्वत्याग सिद्ध नहीं हो जाता, क्योंकि वह विषम
है अर्थात् देहत्यागरूप सर्वत्याग करनेपर अधिकारी देह न मिलने के कारण ज्ञान की सम्भावना हो ही
नहीं सकती, इसलिए उसका त्याग करना नितान्त अयोग्य है। हे साधो, आप निरपराधी इस शरीर को
व्यर्थ ही खन्दक में फेंक रहे हे, क्योकि देह छोड़ देने पर देहक्षोभक अहंकार का त्याग सिद्ध नहीं होता ।
मत्त हाथी जैसे वृक्ष को क्षुब्ध करता है वैसे ही देह आदि सब कुछ अपने-आप परित्यक्त हो जाता है।
यदि उसका परित्याग नहीं करते, तो भृगुपात आदि से नाशित भी देह आदि उस देहक्षोभक जन्मादि के
हेतु पापात्मा अहंकार से बार-बार उत्पन्न होता ही रहेगा । राजा शिखिध्वज ने कहा : हे सुन्दर, यह देह
किसके द्वारा चलित होती है, जन्मादिविकारों का बीज क्या है, और किसका त्याग कर देने पर सब कुछ
परित्यक्त हो जाता है ? कुम्भ ऋषि ने कहा : हे साधो, हे राजन्, देह के त्याग से, राज्य के त्याग से ओर
कुटिया नष्ट कर देने से सर्वत्याग सिद्ध नहीं होगा | परन्तु जो समस्त वासनाओं का आश्रय होने के
कारण सर्वात्मक है, सब विषयों मे जिसकी पहुँच होने के कारण जो सर्वव्यापी है, उस संकल्प के द्वारा
सबके एकमात्र कारणभूत सर्वात्मा का परित्याग कर देने पर सर्वत्याग सिद्ध होगा