Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 101, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 101, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 101 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
मरिष्यामि मरिष्यामि मरिष्यामीति भाषसे ।
भविष्यामि भविष्यामि भविष्यामीति नेक्षसे ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
मैं मर जाऊँगा, मर
जाऊँगा, मर जाऊँगा, यही बराबर कहा करते हैं, मरने के बाद भी मैं चिद्रूप से सदा स्थित रहूँगा,
रहूँगा, रहूँगा, ऐसा विचार नहीं करते