Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 109, Verse 48

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 109, verse 48 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 109 · श्लोक 48

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

राजा के महल में खलबली मच गई, उसकी अवस्था ओंधी से व्याकुल महावन की-सी हो गई । मन्त्री, राजा, योद्धा, राजा के आज्ञाकारी कर्मचारी, स्त्रियो, हाथी, घोडे, परिचारक और नागरिक सबके सब भयभीत हो गये । सभी जीवों ने अपने प्राणों के भय से अपने अपने बचाव के हथियार उठा लिये