Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 12, Verse 40

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 12, verse 40 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 12 · श्लोक 40

संस्कृत श्लोक

यदविद्याक्षयैकात्म न किंचित्किंचिदेव च । शिष्यते तत्परं प्राहुरनामार्थमसच्च सत् ॥ ४० ॥

हिन्दी अर्थ

अविद्या का क्षय हो जाना ही जिसका एकमात्र अपना स्वरूप है ऐसा जो अविद्या के नाश के बाद अकिंचिद्रूप या किंचिद्रूप शेष रहता है वह परमार्थभूत नामार्थरहित, असत्‌ ओर सत्‌ भी (4) कहा गया है