Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 123, Verse 12

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 123, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 123 · श्लोक 12

संस्कृत श्लोक

उत्तरस्तरसोत्तीर्णतारावरतरङ्गिणः । महार्णवसुवर्णोर्व्यां सिद्धशापाच्छिलां गतः ॥ १२ ॥

हिन्दी अर्थ

जलतरंगरूपी हाथियों द्वारा की गई अपूर्वं चमत्कार कारिणी तुंगदेहता (उन्नतशरीरता) से वे अपने राज्य में हाथियों की पीठ की सवारी की शोभा धारण कर रहे थे