Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 13, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 13, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 13 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
तत्राभूदमराधीशः शक्रस्त्रिभुवनेश्वरः ।
क्षौद्रकुम्भनिषण्णानां क्षुद्राणामिव नायकः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
उस
गूलर के भीतर तीनों भुवन का स्वामी देवताओं का ईश इन्द्र ऐसे रहता था, जैसे क्षौद्रकुम्भ के
भीतर स्थित मधुमक्खियों का स्वामी