Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 14, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 14, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 14 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
ध्यानेन सर्वमेकत्र पश्यंश्चिरमुदारधीः ।
ददर्शेममसौ सर्गमस्मदीयं महामतिः ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
महामति उदारबुद्धि उस इन्द्र ने ध्यान लगाकर सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को मायाशबलितब्रह्य में देर तक देखते
हुए हम लोगों के द्वारा अनुभूयमान इस ब्रह्माण्ड को देखा