Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 151, Verse 49
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 151, verse 49 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 151 · श्लोक 49
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हिन्दी अर्थ
आधे जले हुए सिंह, बाघ और पक्षी
उसमें इधर-उधर भाग रहे थे, तालाब और नदियों के खौलते हुए जल में उसने उत्कट वनचरों को
पका डाला था