Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 153, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 153, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 153 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
ततो विचारितं तत्र तन्मया दृश्यमण्डलम् ।
किं कारणमिदं तु स्यात्किमयं वेत्ति चेतसा ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
यहाँ पर स्थित हुए मुझे अनुगमन,
भक्ति आदि सत्कार से आप नहीं छोड़ेंगे मैं भी आप लोगों के साथ यहाँ पर रहूँगा, यह निश्चय है