Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 191, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 191, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 191 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
कारणाभावतोद्वैतं चिद्व्योमाभाति केवलम् ।
किं नाम कारणं ब्रूहि सर्गादौ चिति वस्तुतः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : हे मुनिवर, महाप्रलय होने पर जो जन्म-नाशविहीन परमतत्त्व अवशिष्ट
रहता है वह सृष्टि का कारण क्यों नहीं होगा