Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 196, Verses 13–14

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 196, verses 13–14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 196 · श्लोक 13,14

संस्कृत श्लोक

TODO TODO

हिन्दी अर्थ

इस जगद्भरान्ति का कारण ही क्या है जिससे कि इसका आविभव हुआ है ? कारण के बिना कहीं कोई कार्य हो ही नहीं सकता। अविकार अजर अमर ब्रह्म कारण नहीं हो सकता हे, क्योकि पूर्वअवस्था के नाश के बिना यहाँ कोई भी वस्तु कहीं पर भी सविकार नहीं हो सकती