Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 198, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 198, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 198 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
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हिन्दी अर्थ
पहले शास्त्र और विचारों से क्या होगा इस
सन्देह के कौतूहल से पुरुष शास्त्रों में प्रवृत्त होता हे पश्चात् उस उत्तम पद को प्राप्त करता हे