Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 29, Verse 33
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 29, verse 33 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 29 · श्लोक 33
संस्कृत श्लोक
एतावन्तमभूत्कालं भवानज्ञाततत्पदः ।
भाजनं सविकल्पानामुत्तराणां महामते ॥ ३३ ॥
हिन्दी अर्थ
हे महामते, इतने समय
तक तो आप तत्पद को [ब्रह्मात्मा को) जानते ही नहीं थे, इसलिए आप सविकल्प उत्तरों के ही पात्र
रहे