Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 29, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 29, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 29 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

जनेषु करुणार्हेषु धैर्यं कुरु महात्मसु । आत्माराममना मौनी वासनाक्रान्तमूढवत् ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

वासना से आक्रान्त कर्मकुशल मनुष्यों के सदृश करुणापात्र जनों मे उदारता का और महात्माओं के विषय में निन्दा न करने का अवलम्बन कीजिए तथा अपनी आत्मा में मन को रमने दीजिए