Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 34, Verse 44

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 34, verse 44 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 34 · श्लोक 44

संस्कृत श्लोक

मद्वाचिद्रूपिणी शान्ता या सत्ता ब्रह्मणः पुरा । स्वतः सेयमहंत्वं च मानवोऽस्मीत्यबोधतः ॥ ४४ ॥

हिन्दी अर्थ

पूर्वसिद्ध महाचैतन्यरूप जो ब्रह्म की सत्ता है, वही अज्ञानसे 'मैं मनुष्य हूँ" इस आकार को धारण कर अहंकार के रूप से एवं जगत्‌ के रूप से विवर्तित हो जाती है