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Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 52, Verse 6

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 52, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 52 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

उपदेश्योपदेशार्थमेनां मदुपरोधतः । सत्यामिव क्षणं तावदाश्रित्य श्रूयतामिदम् ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

जब ऐसी बात हेः तब शारो के उपदेश तथा उनकी फल चिद्धि केसे होगी, इस पर कहते हैं। हे श्रीरामचन्द्रजी, उपदेशयोग्य वस्तु के उपदेश के निमित्त मेरे अनुरोध से क्षण भर के लिए आप इसे सत्य-सा मानकर यह मेरा कथन सुनिये